गर्व से बाबू चर्चा कइलअ,
जब भइली इंटर पास हो!
बाकिर नौकरी ला आगे पढ़े के इच्छा,
ना आईल तोहके रास हो!!
आगे के जिंदगी ला रचलअ,
अइसन चकरी के चाक हो!
की रिति-रिवाज के चक्कर में,
हमार सब सपना भईल ख़ाक हो!!
आज भले हम कइले बानी,
एमए-बीए पास हो!
पाई-पाई ला रहेला,
मरद-सास-ससुर के आस हो!!
खुश रहें त लागे जइसे,
सब कोई आपन ख़ास हो!
भूल-चुक होइले पर देंवें,
लाचारी के आभास हो!!
याद आवे तब बापू, तोहर आ,
माई के दुलार हो!
कातना तोहके सतावत रहलीं,
तबहूँ देहलअ प्यार हो!!
देखअ कातना बदल गईल,
हमार दुनिया संसार हो!
काहे ना पूरा करे देहलअ,
हमार सपना साकार हो!!
देखअ कातना बदल गईल,
हमार दुनिया संसार हो!!

bahute bandhiyaa baawe...padh ke bahut aachha laagal...aissehi aage likhat rahah
ReplyDeleteGood one Bishal..
ReplyDeletenice one :)
ReplyDeletetrue...keep it up bro
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