Saturday, September 24, 2011

दुखरा बेटी के












गर्व से बाबू चर्चा कइलअ,
जब भइली इंटर पास हो!
बाकिर नौकरी ला आगे पढ़े के इच्छा,
ना आईल तोहके रास हो!!


आगे के जिंदगी ला रचलअ,
अइसन चकरी के चाक हो!
की रिति-रिवाज के चक्कर में,
हमार सब सपना भईल ख़ाक हो!!

आज भले हम कइले बानी,
एमए-बीए पास हो!
पाई-पाई ला रहेला,
मरद-सास-ससुर के आस हो!!

खुश रहें लागे जइसे,
सब कोई आपन ख़ास हो!
भूल-चुक होइले पर देंवें,
लाचारी के आभास हो!!

याद आवे तब बापू, तोहर ,
माई के दुलार हो!
कातना तोहके सतावत रहलीं,
तबहूँ देहलअ प्यार हो!!

देखअ कातना बदल गईल,
हमार दुनिया संसार हो!
 काहे ना पूरा करे देहलअ,
हमार सपना साकार हो!!

देखअ कातना बदल गईल,
हमार दुनिया संसार हो!!